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स्कीन रीडर एक्सेस

उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़

RSS महत्‍वपूर्ण सूचनायें
  • पृष्ठांकन क्रमांक 1237/गोपनीय/2022 बिलासपुर, दिनांक 05 दिसंबर, 2022 |
  • नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में अकादमिक ( रिसर्च फेलो) और प्रशासनिक स्टाफ ( जूनियर स्टेनो सह डीईओ) की भर्ती।
  • छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर दिनांक 05.12.2022 से प्रभावी रोस्टर ।
  • जिला न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) 2020, 5(1)(सी) के लिखित परीक्षा और मौखिक परीक्षा के प्राप्तांक |
  • आदेश क्रमांक. 14488/मध्यस्थता बिलासपुर , दिनांक 29 नवंबर 2022.
  • पृष्ठांकन क्रमांक 1230/गोपनीय/2022 बिलासपुर, दिनांक 01 दिसंबर, 2022 |
  • निविदा सूचना क्रमांक 14492 और 14493/सीपीसी/2022 बिलासपुर, दिनांक 29 नवंबर , 2022 ।
  • जिला न्यायाधीश (प्रवेश स्तर)-2020 नियम 5(1)(ग) की चयन सूची|
  • निविदा सूचना क्रमांक 13554/2022, बिलासपुर, दिनांक 15 नवंबर , 2022। (खानपान सेवाओं के लिए)
  • आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी के पदों की भर्ती हेतु नई सूचना एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची ।
  • पृष्ठांकन क्रमांक 13732 बिलासपुर, दिनांक 14 नवंबर, 2022|
  • आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी के पदों की भर्ती हेतु सूचना ।
  • 12 नवंबर, 2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए पीठों के गठन के संबंध में |
नवीनतम ए.एफ.आर.   RSS
  •    (i) धारा 144 B(6) (viii) के प्रावधान विभाग को विहित प्रक्रिया का पालन करने हेतु आज्ञापक रूप से बाध्य करते हैं।
       (ii)जहाँ तक निर्धारिती को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान करने का संबंध है, आयकर अधिनियम की धारा 144 B( 6 ) (viii) में उल्लेखित शब्द "करेगा" को अनिवार्यता के अर्थ में पढ़ा जायेगा ।
       (iii)धारा 144 B(6) (viii) के अंतर्गत अनुरोध किये जाने के बावजूद व्यक्तिगत सुनवाई से इंकार किया जाना, नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है।
  • (I) यदि विलंब माफी हेतु दिया गया स्पष्टीकरण आचरण से मनगढंत या झूठा पाया जाता है, तब न्यायालयों को इसे उदारतापूर्वक माफ नहीं करना चाहिए।
  • (II)जब किसी पक्षकार के आचरण एवं विलंब का पर्याप्त कारण स्पष्ट नहीं करने के परिणामस्वरूप अन्य पक्षकार के पक्ष में मूल्यवान अधिकार सृजित हो जाए तब केवल मांगने पर उस अधिकार को आवेदक को दिया जाना, विशेषतः तब जब विलंब उस पक्षकार के लापरवाही, त्रुटि या कार्यवाही ना किये जाने का सीधा परिणाम है, अयुक्तियुक्त होगा।
  • कपट के अवयव को साबित करने का भार उस पक्षकार पर होता है जिसने यह आरोप लगाया है कि वसीयत का निष्पादन कपटपूर्वक किया गया है।
  • वह व्यक्ति जो कि सेवा में पूर्व से नियोजित है वह आश्रितों की श्रेणी में एस.ई.सी.एल. में अनुकंपा नियुक्ति का पात्र नही हैं।
  • मानव संसाधन कोर्स में उपाधि, प्रबंधन कोर्स के समकक्ष नहीं होती एवं समकक्षता निर्धारित करने का क्षेत्राधिकार न्यायालय का नही अपितु नियुक्तिकर्ता अधिकारी की विषय वस्तु है।
  • "विवाहित पुत्री" का दावा नेशनल कोल वेज एग्रीमेंट (राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते ) की कंडिका 9.3.3 के द्वितीय भाग के अंतर्गत आयेगा जो कि " विधवा पुत्री" के जैसा होगा और इसलिए उसे मृतक के रोजगार पर निर्भर मानते हुए नियुक्ति प्रदान करने से पूर्व, उक्त कंडिका के आवश्यक शर्त अनुसार, यह सुनिश्चित करने के लिये जाँच किया जाना आवश्यक है कि, क्या वह मृतक कर्मचारी की कमाई पर पूर्णतः निर्भर थी अथवा नही?
  • लिखित कथन में या अपील मे केवल प्रकथन मात्र करना यह निष्कर्ष निकालने के लिये पर्याप्त नही होगा कि भवन-स्वामी के पास वैकल्पिक आवास सुविधा है। इसे किरायेदार द्वारा विशिष्टतः साबित एवं स्थापित भी करना होगा।
  • मोटर यान अधिनियम के तह्त मात्र यह कि प्रथम सूचना पत्र विलंब से दर्ज किया गया है। अपने आप में दावाकर्ता के कथन पर अविश्वास करने का कारण नहीं हो सकता भले ही प्रथम सूचना पत्र विलंब से दर्ज की गई हो परंतु यह इस तथ्य को स्वीकृत करने के लिए पर्याप्त है कि दुर्घटना कारित हुई है।
  • प्रथम सूचना पत्र तथा अभिलेख पर उपलब्ध अन्य साक्ष्य निर्विवाद रूप से यह प्रमाणित करते है कि गंभीर दुर्घटना घटित हुई है साथ ही इस ओर भी इशारा करते है कि उक्त घटना कारित करने में प्रतिवादी ने उपेक्षा की है।